लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने मंगलवार, 6 जनवरी को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में ‘अखिल भारतीय महिला विकास संस्थान’ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेश की महिलाओं को भरोसा दिलाया कि 2027 में समाजवादी सरकार की वापसी होने पर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विशेष योजना लागू की जाएगी, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
भाजपा सरकार में बंद हुईं जनहित की योजनाएं: महिलाएं
प्रदेश सचिव अरविन्द यादव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव को बताया कि वर्तमान भाजपा सरकार में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। प्रतिनिधिमंडल की महिलाओं ने शिकायत की कि समाजवादी सरकार के समय शुरू की गई कन्या विद्याधन और महिला पेंशन जैसी लाभकारी योजनाएं अब बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा, आशा ज्योति केंद्रों में मानदेय न मिलने और पिछड़ी, दलित व मुस्लिम महिलाओं को मिलने वाली सरकारी मदद के खत्म होने पर भी रोष व्यक्त किया गया।
समाजवादी सरकार की उपलब्धियों को किया याद
महिलाओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पिछली सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए ‘1090 वूमेन पावर लाइन’, ‘102 और 108 एम्बुलेंस सेवा’ और ‘डायल 100’ जैसी क्रांतिकारी सुविधाएं शुरू की थीं। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार में 55 लाख महिलाओं को 500 रुपये प्रति माह पेंशन दी जा रही थी, जिसे अब और बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
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1 करोड़ महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य
अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि 2027 में सरकार बनने पर एक करोड़ महिलाओं को सीधे तौर पर लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।
मुलाकात के दौरान संस्थान की ओर से रेणु सिंह, अवनीत कौर, सुनीता गौतम, शहनाज, राजदीप कौर, दीपिका, अनिता चौधरी और कुसुम गौतम सहित कई महिला प्रतिनिधि मौजूद रहीं। इस अवसर पर अभिलाष सिंह और सुधीर कुमार भी उपस्थित थे।



