भाजपा संविधान और कानून को नहीं मानती, फायदे के लिए फैलाती है सांप्रदायिकता’: अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा राजनीतिक प्रहार किया। उन्होंने दो टूक कहा कि भाजपा न तो संविधान पर विश्वास करती है और न ही कानून का पालन करती है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा:

“भारतीय जनता पार्टी संविधान को नहीं मानती है। भारतीय जनता पार्टी कानून को नहीं मानती है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में जो सेकुलर लोग हैं, जो समाज में एकता लाना चाहते हैं, वह कभी भी पसंद नहीं कर सकती है।”

‘पहले भाषा से, फिर एक्शन से पैदा करते हैं सांप्रदायिक माहौल’

सपा प्रमुख ने आगे कहा कि भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए समाज का ताना-बाना बिगाड़ने का प्रयास करती है।

“भारतीय जनता पार्टी लाभ लेने के लिए सांप्रदायिक वातावरण पैदा करती है—पहले भाषा से, फिर एक्शन से। इसलिए हम सब लोगों को मिलकर के सावधान रहना है और आने वाले समय में ऐसी कम्युनल ताकत को हराने का काम करना है।”

गंगा एक्सप्रेसवे पर भाजपा नेताओं को दी सलाह

प्रेस वार्ता के समापन की ओर बढ़ते हुए अखिलेश यादव ने निर्माण कार्य और सड़क बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार पर तीखा व्यंग्य किया। उन्होंने कहा:

“हमारी भाजपा वालों से सलाह है कि कभी मां गंगा बुलाएं तो गंगा एक्सप्रेसवे से मत जाना।”

अपराध और हत्या के मामले पर सवाल

वार्ता के दौरान पत्रकारों द्वारा राम लखन मौर्य हत्याकांड और उसमें भाजपा व करणी सेना से जुड़े नेता राजमणि सिंह की कथित संलिप्तता का मुद्दा उठाया गया। पत्रकारों ने जब इस मामले पर जानकारी रखनी चाही, तो अखिलेश यादव ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से कहा कि वे इस बात को ठीक से रिकॉर्ड करें और सामने लाएं कि किस तरह से सत्ता से जुड़े लोग इन मामलों में घिरे हैं।

2027 में बनेगी ‘पीडीए’ की सरकार

प्रेस कॉन्फ्रेंस से पूर्व जारी संदेश में प्रदेश के किसानों, युवाओं और शिक्षकों की समस्याओं को उठाया गया। इसमें कहा गया कि मौजूदा सरकार में खेती का मतलब खाद-बीज की किल्लत, महंगी सिंचाई और छुट्टा जानवरों की परेशानी बनकर रह गया है। शिक्षक और शिक्षामित्र अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित हैं, वहीं युवा बेरोजगारी और अग्निवीर जैसी योजनाओं से परेशान हैं। सपा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि जनता किसी के बहकावे में नहीं आएगी और 2027 के विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर अपनी यानी ‘पीडीए’ (PDA) की सरकार बनाएगी।

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