यूपी: वोटर लिस्ट से नाम काटने का ‘खेल’? सपा ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

लखनऊ:उत्तर प्रदेश की सियासत में वोटर लिस्ट को लेकर एक बार फिर घमासान शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मतदाता सूची में हेराफेरी करने और विशेष वर्ग के वोट काटने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

फॉर्म-7 के जरिए नाम काटने का आरोप

समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को बताया कि प्रदेश भर में भाजपा कार्यकर्ता सुनियोजित तरीके से ‘फॉर्म-7’ का दुरुपयोग कर रहे हैं। आरोप है कि फतेहपुर, मथुरा, मऊ, अमेठी, जौनपुर, बस्ती, भदोही, बलरामपुर, संभल, जालौन, कासगंज और गोंडा समेत लगभग सभी विधानसभाओं में सपा समर्थक मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटवाए जा रहे हैं।

सपा का कहना है कि भाजपा पदाधिकारी पहले से ही मतदाताओं के नाम और ईपिक नंबर प्रिंट करवाकर बीएलओ (BLO) और ईआरओ (ERO) के पास जमा कर रहे हैं। पार्टी ने विशेष रूप से पी.डी.ए. (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाने की बात कही है।

फतेहपुर और मथुरा के दिए सुबूत

फतेहपुर (खागा विधानसभा): बूथ संख्या 335 पर शकील अहमद, सैदुन निशा, तौशीफ अहमद समेत कई मतदाताओं के नाम काटने के लिए भाजपा समर्थकों द्वारा फॉर्म-7 जमा किए गए हैं।

मथुरा (मांट विधानसभा): बूथ संख्या 93, 110, 111 और 112 पर 400 से अधिक फॉर्म-7 जमा किए गए हैं।
मऊ (मोहम्मदाबाद गोहना): यहाँ भी बूथ संख्या 209 और 211 पर सपा समर्थकों के नाम काटने का दबाव बनाया जा रहा है।

अमेठी में बीएलओ को धमकाने का मामला

सपा ने अमेठी का एक संवेदनशील मामला भी उठाया है। आरोप है कि अमेठी विधानसभा के ग्राम ठेकहा में तैनात एक महिला बीएलओ पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने सपा समर्थकों के नाम काटने का दबाव बनाया। जब बात नहीं बनी, तो बीएलओ को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और उनके पति के साथ मारपीट की गई। सपा का दावा है कि वीडियो बनाने पर मोबाइल भी छीन लिया गया।

सपा की मांग: निरस्त हों सभी फॉर्म-7

सपा प्रतिनिधिमंडल, जिसमें के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह भी शामिल थे, ने मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया (एस.आई.आर.) को पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से जमा किए गए सभी फॉर्म-7 तत्काल निरस्त किए जाएं और साजिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो, ताकि लोकतंत्र की निष्पक्षता बनी रहे।

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