लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने मंगलवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), चुनाव आयोग और प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में ‘फॉर्म-7’ का गलत इस्तेमाल करके वोटर लिस्ट से लोगों के नाम काटने की बड़ी साजिश चल रही है।
फॉर्म-7 का ‘खेल’ और फर्जी दस्तखत
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सबूत दिखाते हुए कहा कि बीजेपी ने लाखों की संख्या में पहले से छपे हुए (प्रिंटेड) फॉर्म-7 तैयार कराए हैं। उन्होंने सुल्तानपुर के एक व्यक्ति ‘नंदलाल’ का उदाहरण दिया। अखिलेश ने बताया कि नंदलाल पढ़ना-लिखना नहीं जानते और अंगूठा लगाते हैं, लेकिन उनके नाम से जो फॉर्म जमा किया गया है, उस पर दस्तखत (सिग्नेचर) हैं। उनका कहना है कि ऐसे ही फर्जी दस्तखत करके लोगों के वोट काटने की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों को बांटी गई ‘पेन ड्राइव’
सपा अध्यक्ष (Akhilesh Yadav) ने आरोप लगाया कि सरकार अधिकारियों का इस्तेमाल अपनी पार्टी के कार्यकर्ता की तरह कर रही है। उन्होंने कहा कि जिलों में डीएम और कमिश्नर जैसे बड़े अधिकारियों को खास ‘पेन ड्राइव’ दी गई हैं। इन पेन ड्राइव में उन वोटरों की लिस्ट है, जिनके नाम काटे जाने हैं। अखिलेश के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय से अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे इन लिस्टों के हिसाब से काम करें।
मुस्लिम और पीडीए (PDA) वोटर निशाने पर
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने दावा किया कि इस धांधली का मुख्य शिकार मुस्लिम और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के लोग हैं। उन्होंने बताया कि जिन बूथों पर बीजेपी चुनाव हारी थी या जहां उसे कम वोट मिले थे, वहां चुन-चुनकर हजारों वोट काटने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने गोंडा, कन्नौज और लखनऊ की सरोजनी नगर विधानसभा का जिक्र करते हुए कहा कि एक-एक सीट पर हजारों वोट काटने की योजना है।
चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगे हैं:
अब तक जमा हुए सभी फॉर्म-7 की बारीकी से जांच की जाए।
जिन लोगों के नाम पर फॉर्म भरे गए हैं, उनके दस्तखत का मिलान किया जाए।
फॉर्म जमा करने वाली जगहों की सीसीटीवी फुटेज चेक की जाए ताकि असली आरोपियों को पकड़ा जा सके।
फर्जी फॉर्म भरने वालों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज हो और सख्त कार्रवाई की जाए।
अखिलेश ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और ‘पीडीए प्रहरियों’ से भी अपील की है कि वे हर बूथ पर नजर रखें और अपने वोट की रक्षा करें। उन्होंने साफ कहा कि अगर लोकतंत्र में वोट डालने का अधिकार ही नहीं बचेगा, तो नागरिक होने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।



