समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में महिला आरक्षण को लागू किया जाय। उन्होंने भाजपा सरकार से आगामी यूपी चुनाव में महिला आरक्षण तुरंत लागू करने की जोरदार मांग की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अखिलेश ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधी चुनौती दी। उन्होंने याद दिलाया कि संसद में पूरे विपक्ष ने एकजुट होकर महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया था और उसे पास कराया था। अखिलेश ने जोर देकर कहा कि अब पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की यह स्पष्ट मांग है कि इस आरक्षण को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार की नीयत पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसे लागू नहीं करती है, तो उसे अपनी असलियत स्वीकार कर लेनी चाहिए। भाजपा को खुलेआम यह मान लेना चाहिए कि उनके नेता और सामंती सोच वाले साथी महिला आरक्षण के सख्त खिलाफ हैं।
पीडीए की माँग है कि जो ‘महिला आरक्षण’ समस्त विपक्ष ने मिलकर संसद में सहर्ष पास किया है उसे 2027 के उप्र विधानसभा चुनाव में लागू करने की घोषणा भाजपा सरकार तत्काल करे या कह दे कि पुरुषवादी भाजपाई और उनके सामंती संगी-साथी महिलाओं को आरक्षण के ख़िलाफ़ हैं।
जब तक ये घोषणा नहीं होगी… pic.twitter.com/uqC2zTingC
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 5, 2026
अखिलेश यादव ने सरकार को एक कड़ा अल्टीमेटम भी दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक 2027 के चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, तब तक समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। सपा इस मुद्दे को हर हफ्ते सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक प्रमुखता से उठाएगी और सरकार पर दबाव बनाएगी।
महिला आरक्षण की इस प्रमुख मांग के साथ ही अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर भी निशाना साधा। उन्होंने बंगाल में भाजपा की मुख्यमंत्री चयन प्रक्रिया और ‘पर्ची सिस्टम’ पर कटाक्ष किया और भाजपा पर पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
प. बंगाल में जब परिणाम मनमर्ज़ी से निकाला गया है तो भाजपाई परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री भी मनमर्ज़ी से ही बनेगा। इसीलिए ये विशेष माँग है कि इस बार ‘पर्ची’ उनके नाम की निकलनी चाहिए जो पौराणिक काल से नारी के प्रति पुरुषवादी नकारात्मक सोच और शोषण की प्रतीक-भूमिका निभा चुकी हैं।… pic.twitter.com/zvejFaoRBZ
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 5, 2026
अखिलेश यादव ने बंगाल चुनाव के नतीजों की सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने BJP की मुख्यमंत्री चयन प्रक्रिया पर भी तंज कसा। अखिलेश ने लिखा कि जब बंगाल में नतीजे मनमाने ढंग से लाए गए हैं, तो BJP की परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री भी मनमाने ढंग से चुना जाएगा। उन्होंने पार्टी के ‘पर्ची सिस्टम’ पर तीखा व्यंग्य किया। अखिलेश ने कहा कि इस बार पर्ची में ऐसे व्यक्ति का नाम होना चाहिए जो पौराणिक काल से ही पितृसत्तात्मक नकारात्मक सोच और महिलाओं के शोषण का प्रतीक रहा हो। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद BJP यह कदम महिला आरक्षण के नाम पर उठाएगी।



