लखनऊ: लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने राहत और बचाव कार्य में हुई देरी पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आंसुओं को ‘दिखावटी’ करार दिया।
अखिलेश यादव ने कहा, “जिन लोगों ने जान गंवाई है, उनकी जान बचाई जा सकती थी। अगर समय पर सुरक्षा नियमों का पालन हुआ होता, तो यह हादसा नहीं होता।”
‘कैमरा देखते ही आते हैं दिखावटी आंसू’
मुख्यमंत्री के घटनास्थल पर पहुंचने और भावुक होने पर अखिलेश ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “जिस तरह के लोग नाटकीय आंसू बहा रहे थे, वो हम सब जानते हैं। कैमरा दिखाई दे गया तो आंसू आ गए। कैमरा बंद, तो आंसू बंद।”
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अखिलेश ने फायर ब्रिगेड और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सर्विस (डायल 100) को इस सरकार ने बर्बाद कर दिया है। सरकार के पास दीवार काटने के लिए मशीनें तक नहीं थीं।
PDA में ‘A’ का मतलब आदिवासी: किए बड़े वादे
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस का जिक्र करते हुए ‘पीडीए’ (PDA) का नया विस्तार पेश किया। उन्होंने कहा कि पीडीए में ‘A’ का मतलब आधी आबादी और अल्पसंख्यकों के साथ-साथ ‘आदिवासी’ भी है।
सपा प्रमुख ने आदिवासी समाज को लुभाने के लिए कई बड़े ऐलान किए:
सरकार बनने पर लखनऊ के रिवर फ्रंट पर महारानी दुर्गावती की सोने की भव्य मूर्ति लगाई जाएगी।
आदिवासी समाज को आबादी के हिसाब से हक मिलेगा। सभी सरकारी टेंडरों में अनुसूचित जनजाति को 2% आरक्षण दिया जाएगा।
केजी (KG) से लेकर पीजी (PG) तक की पढ़ाई पूरी तरह फ्री होगी और लैपटॉप दिए जाएंगे।
आदिवासियों के लिए अलग से थाने बनाए जाएंगे, जिनमें एसओ (SO) और सीओ (CO) उसी समाज के होंगे।
वन अधिकार कानून के तहत ‘जल, जंगल और जमीन’ पर आदिवासियों का पूरा अधिकार होगा।



