बीजेपी, बीएसपी, आरएलडी छोड़ सपा में शामिल हुए कई दिग्गज, अखिलेश यादव ने कहा 'वोटर लिस्ट में धांधली कर रही BJP'
लखनऊ। समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP), बहुजन समाज पार्टी (BSP), राष्ट्रीय लोकदल (RLD) और आजाद समाज पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक और कैराना सांसद इकरा हसन मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (SSR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए।
मंच पर पेश किया 10 जगह दर्ज वोटर का सबूत
वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों का खुलासा करते हुए अखिलेश यादव ने एक युवा मतदाता (विकास यादव) को मंच पर मीडिया के सामने पेश किया। उन्होंने दावा किया कि इस अकेले मतदाता का नाम चार अलग-अलग मतदान क्षेत्रों (पनापुर, खुदवल, हुसैनगंज और कोठवा) में कुल 10 जगहों पर दर्ज कर दिया गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा ने करीब 100 विधानसभा क्षेत्रों का डेटा तैयार कर चुनाव आयोग को सौंपा है, जहां लाखों फर्जी और डुप्लीकेट वोट बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग इसे 'छोटी-मोटी मानवीय भूल' बता रहा है, जबकि यह चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की बड़ी प्रशासनिक साजिश है। उन्होंने बार-बार रिवीजन कराने के बजाय एक ही पारदर्शी प्रक्रिया रखने की मांग की।
भाजपा, बसपा और रालोद छोड़ सपा में शामिल हुए ये बड़े चेहरे
प्रेस वार्ता के दौरान विभिन्न दलों के कई नेताओं को सपा की लाल टोपी पहनाकर पार्टी में शामिल कराया गया:
- राजपाल सैनी: पूर्व सांसद (राज्यसभा) और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री (भाजपा छोड़ सपा में शामिल)।
- शाने अली: पूर्व मंत्री स्वर्गीय रियाज अहमद के पुत्र एवं पीलीभीत से पूर्व बसपा प्रत्याशी।
- विदुप अग्रहरी: प्रयागराज के पूर्व सांसद स्वर्गीय श्यामा चरण गुप्ता के सुपुत्र व प्रमुख उद्यमी।
- रवि प्रताप सिंह: बदायूं से क्षत्रिय महासभा के बरेली मंडल उपाध्यक्ष (भाजपा छोड़ शामिल)।
- नंद किशोर पुंडीर: गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र से पूर्व बसपा प्रत्याशी।
- कमल गौतम: आजाद समाज पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रदेश प्रभारी।
- हरवीर मलिक: भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य (शामली)।
- शोकेंद्र आचार्य: निषाद पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (शामली)।
- संजीव प्रधान, सिवान सैनी (खतौली), राजेंद्र मलिक, विजेंद्र मलिक, शुभम मलिक व राजेंद्र सिंह: राष्ट्रीय लोकदल (RLD) छोड़कर सपा में शामिल हुए।
किसानों के भुगतान और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक और सपा प्रमुख ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनते ही ₹15,000 करोड़ का रिवाल्विंग फंड बनाकर गन्ना किसानों का भुगतान 24 घंटे के भीतर सीधे उनके खातों में सुनिश्चित किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने प्रदेश में गेहूं खरीद व्यवस्था को कॉरपोरेट कंपनियों के हवाले करने, आलू किसानों की उपेक्षा, प्रयागराज व कैराना में हाल ही में हुई हत्याओं और शामली में बैंक शाखा से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले पर भी राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के बढ़ते जनसमर्थन के चलते सत्ता पक्ष घबराहट में है।