पीडीए को लाएंगे तभी नौकरी पाएंगे

पीडीए को लाएंगे तभी नौकरी पाएंगे
प्रेसवार्ता के दौरान वरिष्‍ठ नेताओं के साथ अखिलेश यादव

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित लोहिया सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रोजगार, भ्रष्टाचार, स्मार्ट सिटी के दावों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सरकार को घेरा। अखिलेश यादव ने नया सियासी नारा देते हुए कहा— "पीडीए को लाएंगे तभी नौकरी पाएंगे।"

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज में पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार के बदले ई-रिक्शा चलाने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने युवाओं को लैपटॉप दिए, आईटी कंपनियों को लखनऊ लाया और आधुनिक व्यवस्थाएं दीं, जबकि मौजूदा सरकार ने प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया है।

लोकतंत्र सेनानियों के लिए बड़ा ऐलान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे लोकतंत्र सेनानियों का स्वागत करते हुए सपा प्रमुख ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर:

  • सम्मान राशि में इजाफा: लोकतंत्र सेनानियों की मासिक सम्मान राशि बढ़ाकर 51,000 रुपये की जाएगी।
  • मुफ्त इलाज की सुविधा: सरकारी अस्पतालों में लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष व्यवस्था कर पूरा इलाज और दवाइयां बिल्कुल मुफ्त दी जाएंगी।
  • स्वतंत्रता सेनानियों जैसी सुविधाएं: बस और ट्रेन यात्रा सहित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तर्ज पर अन्य सभी सुविधाएं समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र (Manifesto) में शामिल की जाएंगी।

भ्रष्टाचार उजागर करने वालों पर गुंडा एक्ट का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में एक वीडियो का हवाला देते हुए अखिलेश यादव ने बताया कि गोरखपुर में जलभराव और भ्रष्टाचार की सच्चाई दिखाने वाले पिछड़े वर्ग (कुर्मी समाज) के नौजवान पर प्रशासन ने गुंडा एक्ट लगा दिया। उन्होंने कहा कि इस सरकार में सच बोलने और भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकारों व नागरिकों पर मुकदमे दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी की जाती है। सपा प्रमुख ने कहा, "जिस काल में पीडीए पर अत्याचार होगा, वह हर काल आपातकाल होगा। आज देश और प्रदेश 'बीजेपी-इमरजेंसी' के दौर से गुजर रहा है।"

एक्सप्रेसवे में गड्ढे और स्मार्ट सिटी की नाकामी पर सवाल

अखिलेश यादव ने बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा:

  • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे: 91 किलोमीटर लंबे और लगभग 7,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे में महज 45 किलोमीटर के दायरे में 74 से ज्यादा गड्ढे हो गए हैं।
  • जलभराव और बदहाली: राजधानी लखनऊ से लेकर कानपुर और गोरखपुर तक में पहली ही बारिश में सड़कें तालाब बन रही हैं। विकास का बजट नालों और नदियों की सफाई के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।

चुनाव आयोग और उप-चुनावों पर गंभीर आरोप

उप-चुनावों (मिल्कीपुर, मीरापुर, कुंदरकी आदि) का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर बेईमानी की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को इतने बड़े-बड़े कार्यालय बनाने की जरूरत ही नहीं थी, वे चुनाव आयोग के दफ्तर में ही एक फ्लोर लेकर अपना दफ्तर बना लेते। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और 2027 में भाजपा का पूरी तरह सफाया तय है।