अखिलेश डिंपल समेत सभी 37 सांसद चुनाव आयोग का करेंगे घेराव, इंडिया गठबंधन भी साथ
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, पार्टी सांसद डिंपल यादव समेत पार्टी के सभी 37 सांसद 6 अक्टूबर को दिल्ली में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India - ECI) के दफ्तर का घेराव करने उतरेंगे। अखिलेश यादव ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के इस संयुक्त पैदल मार्च में अनिवार्य रूप से शामिल होने का स्पष्ट निर्देश जारी किया है।
विपक्षी दलों की बैठक और रणनीति:
- 30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई थी।
- इस बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR), चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी विसंगतियों, मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम काटे जाने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाई गई।
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद 2 से 8 अक्टूबर तक देशव्यापी 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' (लोकतंत्र बचाओ मार्च) का आह्वान किया था।
- इसी आंदोलन की कड़ी में 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों द्वारा चुनाव आयोग कार्यालय तक पैदल मार्च और घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है।
विपक्ष की प्रमुख मांगें:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा / उन्हें हटाने की मांग।
- SIR (विशेष सारांश संशोधन/पुनरीक्षण) प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और वोटर लिस्ट से नाम हटाने से पहले पूर्व नोटिस व निष्पक्ष अपील व्यवस्था।
- चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतों का निवारण।
अखिलेश यादव की मौजूदगी के मायने: 30 सितंबर को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई प्रारंभिक बैठक में अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके थे, जिससे विपक्ष की एकजुटता पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि, अब अखिलेश यादव ने स्वयं डिंपल यादव और सभी 37 सांसदों के साथ इस मार्च की कमान संभालने का ऐलान कर दिया है, जिसे 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और गठबंधन की एकजुटता के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।