'संशोधित फॉर्म-6' को सुप्रीम कोर्ट की कोई मंजूरी नहीं: सीजेआई सूर्यकांत
नई दिल्ली: मतदाता सूची में नाम जोड़ने से जुड़े संशोधित फॉर्म-6 (Form-6) को लेकर चल रहे दावों और विवादों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी संशोधित फॉर्म-6 को अपनी मंजूरी नहीं दी है। अदालत के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और कानूनी हलकों में चल रही अफवाहों पर पूरी तरह विराम लग गया है।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मामले से जुड़ी सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत के नाम का हवाला देकर यह भ्रम फैलाया जा रहा था कि फॉर्म-6 के नए या संशोधित प्रारूप को कोर्ट की हरी झंडी मिल चुकी है। अदालत ने साफ किया कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत इस तरह के किसी संशोधन को न तो अधिकृत किया गया है और न ही वैध ठहराया गया है।
निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा नए मतदाताओं के पंजीकरण और नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाता है। हाल ही में इस फॉर्म में बदलाव और अदालती सहमति को लेकर अलग-अलग याचिकाएं और तर्क सामने आ रहे थे। सीजेआई ने रजिस्ट्री और संबंधित पक्षों को सतर्क करते हुए कहा कि अदालत के आदेशों की गलत व्याख्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अदालत ने साफ किया कि चुनावी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में निर्धारित नियमों का पालन होना चाहिए। किसी भी बदलाव के लिए उचित कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन जरूरी है, न कि भ्रामक दावों का सहारा लिया जाए।